Thursday, July 30, 2026

उम्मीद का आत्मिक सौन्दर्य है चाँद ! - मंजुल भारद्वाज

 उम्मीद का आत्मिक सौन्दर्य है चाँद !

- मंजुल भारद्वाज

उम्मीद का आत्मिक सौन्दर्य है चाँद !  - मंजुल भारद्वाज


रात का हम सफ़र है चाँद 

अँधेरे में जला चॅराग है चाँद !


रात की गोद में खेलता 

हौंसला है चाँद !


पारम्परिक प्रकाश बिंब के बरक्स 

प्रतिकूल हालात में 

मन का राज़दार 

वफ़ा ऐ नूर से रोशन 

उम्मीद का आत्मिक 

सौन्दर्य है चाँद !

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