Tuesday, November 5, 2019

होनी अनहोनी -मंजुल भारद्वाज

होनी अनहोनी
-मंजुल भारद्वाज
जो होना है वो होना है
आप दिए हुए विश्व में
जन्म लेते हैं
होनी अनहोनी का स्वतंत्र
नियति चक्र है
उस चक्र में आपके दखल का अर्थ
विध्वंस है
अपने होने की तलाश
आपका जीवन है
नियति से टकराने की बजाए
अपनी नियति रचना
आपका सृजन है
उसके सूत्र का भेद है
होनी अनहोनी का सामना
आप कैसे करते हैं
उसमें छुपा है
आप होनी अनहोनी से टकराते हो
तो चूर चूर होना अटल है
भागते हो तो हार निश्चित है
सामने तटस्थ खड़े होते हो
तो प्रेरणा बनते हो
विचार से
होनी अनहोनी के चक्र के समानांतर
अपना जीवन चक्र रचते हो
सृष्टि के सृजन भेद को सिद्धहस्त कर
सृजनकार स्वरूप से आलोकित हो
सृष्टि के विविधता सम्पन्न दामन में
इंसानियत का गुलशन खिलाते हो!
....
#होनी #अनहोनी #सृजन #मंजुलभारद्वाज

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