संसार
- मंजुल भारद्वाज
साँसों का सार है
सुख दुःख के बीच
झूलते जीवन की धार है
यह संसार है ...
सपनों की तपिश में तपते
व्यक्तित्व के ताप में
जगमगाता हुआ ‘हार’ है
यह संसार है ...
खोने और पाने की
लुकाछिपी में,एक भूल भुलैया सा
जीवन का पालनहार है
यह संसार है ...
अर्थ होने का, जीने का
जन्म से मृत्यु तक का
यह खूबसूरत सफ़र है
यह संसार है ...
झूठ और सत्य के बीच
स्वार्थ,निस्वार्थ के बीच
परम आत्मा को खोजता
कलाकार है ... यह संसार है ...
.....
#संसार #मंजुलभारद्वाज
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