Thursday, November 7, 2019

आज जाना है,बजट शायराना है! - मंजुल भारद्वाज

आज जाना है,बजट शायराना है!
- मंजुल भारद्वाज
बजट भी शायराना है
रिफार्म,परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के दम पर
अर्थव्यवस्था को थ्री ट्रिलियन बनाना है
अंदाज़े बयाँ का जवाब नहीं
जुमलों की भरमार हुई
शब्दों की बरसात से
मन भीग गया
बिना पाइप हर घर में जल
सिर्फ़ घोषणा से पहुँच गया
गाँव,गरीब और किसान
घर पहुंचे जल में स्नान कर
स्वच्छ हो देश की मिसाल बन गये
सिर्फ़ घोषणा से कमाल हो गया
मध्यमवर्ग घर में ब्याज की छूट पर निहाल हो गया
हाँ वित्तमंत्री महिला है
तो गजब हो गया
एक ही घोषणा से
जेंडर समानता का
सपना पूरा हो गया
शब्दों से क्रांति हो गई
नारी नारायणी हो गई
रेल बेमल है
बेचने का खेल
ना इकाई लिखना
ना दहाई
इसलिए घोषणा के साथ
आंकड़े बताना ज़रुरी नहीं
जिसे आंकड़े चाहिए
वो अपना सर धुने
तर्क की बात बेमानी है
चुनाव में यह बात सबने मानी है
हाँ बरसात में कहीं
भीगने से सर्दी खांसी
बुखार ना हो जाए
इसका भी वित्तमंत्री ने ख्याल रखा है
देश गर्म रहे इसलिए
पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ा
महंगाई में आग लगाई है
बिना आकंड़ों के बजट
कितना शायराना होता है
देश ने यह करिश्मा आज देखा है
70 साल से यह देश
इससे वंचित था
बिना आंकड़ों का
यह नए भारत का बजट है
आंकड़े जीवन नहीं है
सच
सीता और राम का साथ हो
तो भाव विभोर हो
मन निर्मल हो जाता है
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#बजट2019 #जनता #मंजुलभारद्वाज

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