जीवन रेखा
-मंजुल भारद्वाज
बिन्दुओं का जोड़ है रेखा
जीवन में भाग्य मोड़ है रेखा
बिन्दुओं की यात्रा का प्रमाण है रेखा
यात्रा की सीमा का आभास है रेखा
सरहदों की हद
हद का विस्तार है रेखा
नारी (सीता) की सीमा
पुरुष (लक्ष्मण) का आसमान है रेखा
प्रस्थान का ओर
गन्तव्य का छोर है रेखा
देखने में टेढ़ी पर
जलेबी की तरह सरल है
जीवन रेखा
......
#जीवनरेखा #मंजुलभारद्वाज
No comments:
Post a Comment