लिखे हर्फ़ में खिलता जीवन
........मंजुल भारद्वाज
मेरी सांसों में दहकते हौंसलें
तेरी सांसों में महकती खुश्बू
तेरे शबाब के दहकते शोले
मेरी रूमानियत की बहकती बारिश
सुलगती सुलगती जंगल की आग
पिघलता पिघलता बर्फ सा पानी
तू अन्तर्मुखी , मैं अन्तोमुखी
तू शब्द का भाव , अभिव्यक्ति
मैं उसका अर्थ , उद्देश्य
लिखे हर्फ़ में खिलता जीवन
रंग जीवन की अमर कहानी !
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#रंग #रंगकर्म #मंजुलभारद्वाज
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