Wednesday, November 6, 2019

मैं एक सवाल हूँ! - मंजुल भारद्वाज

मैं एक सवाल हूँ!
-मंजुल भारद्वाज
मैं एक सवाल हूँ
तत्व और व्यवहार के
अंतर को उजागर करता हुआ
मानवतावाद,आदर्शवाद के
दरीचों से रिसते पाखंड को
व्यवहारिकता की कसौटी पर परखता हुआ
बौद्धिक,भावनात्मक,शारीरिक,आत्मिक
जीवन आयामों के सिरों को
एक सूत्र में पिरोने का
सूत्र खोजता हुआ
प्रेम,काम,लोभ,लालसा,हिंसा
त्याग के द्वंद्व को जीता हुआ
किताबों में कैद ज्ञान को
व्यवहारिकता के विश्व में
मुक्त करता हुआ
पूर्वजन्म,प्रारब्ध में उलझे
ईश्वरीय एकाधिकार को
चुनौती देते हुए
मानवतावाद की जड़ में पैबंद
हिंसा के वर्चस्वादी वैज्ञानिक
आधुनिक मान्यताओं से जुझता हुआ
विवेक, विज्ञान और द्वंद्वात्मक भौतिकवाद के
विरोधाभास को जीने वाले
अहिंसक व्यक्तित्वों की सार्थक
सृजन उर्जा की आग में जलता हुआ
जीवन के सवालों का जवाब
पुस्तकों में है पर सवाल करता हुआ
जिन्दगी पढ़ते हुए इस सत्य से
टकराता हुआ की असल में
जीवन में सवालों के जवाब नहीं होते
जीवन के सवालों के उत्तर
सिर्फ़ सवाल होते हैं
क्योंकि
जवाब ठहरा हुआ वक्त होता
और
सवाल चलता हुआ समय!
....
#मैंएकसवालहूँ #मंजुलभारद्वाज

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