Wednesday, November 6, 2019

सवालों का खौफ़ ! - मंजुल भारद्वाज

सवालों का खौफ़!
-मंजुल भारद्वाज
भक्त सवालों से बहुत डरते हैं
उनके भगवान पर सवाल हो तो
पिनपिना जाते हैं
2014 से भक्त शब्द चर्चा में है
ऐसा नहीं है की भक्त
2014 से पहले नहीं थे
भक्त अपनी पहचान रंगों से करते हैं
भगवा भक्त का नारा है गर्व
वो भगवान की हर बात पर गर्व करते हैं
सवाल पूछो तो पूर्वजन्म,पुनर्जन्म
प्रारब्ध और अवतार के ज्ञान का
सत्संग करते हैं
इनसे प्रमाण पूछो तो
सीधा श्राप देते हैं
माँ,बहन की गालियों का प्रसाद
या फिर देशद्रोही करार दे
सीधा भगवान का अवतार धर
वध की क्रिया में लीन हो जाते हैं
लाल वाले भक्त तर्कशाश्त्र पर
एकाधिकार रखते हैं
उनसे कोई सवाल पूछो तो
किसी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की तरह
किताबों की सूची गिनवाते हैं
बिल्कुल गंगाघाट पर बैठे पण्डों की तरह
इनके भगवान पर सवाल खड़ा करो तो
वर्गशत्रु,पूंजीवादी दलाल,बुर्जुआ
जैसी उपाधि नवाज़ते हैं
लाल भक्तों को आईना दिखाओ तो
किसी सांड की तरह आपा खो बैठते हैं
और आईना चकनाचूर कर देते हैं
यह हिंसा के घोड़े पर सवार
क्रांति का झन्डा लिए घूमते हैं
आत्मचिंतन,आत्म मंथन से
यह ज्ञानी अनभिज्ञ हैं
हरे रंग वाले भक्त तो
बिना अल्लाह की मर्जी से
कुछ नहीं करते
जन्नत के लिए
आत्मघाती बम की शक्ल में
जिहाद करते हैं
नीले वाले भक्त सवाल पूछने पर
आपकी जाती पर हमला करके
आनंद की अनुभूति लेते हैं
वो इसी बात से प्रसन्न हैं
उनका भी भगवान है!
..
#भक्त #भगवान #सवाल #खौफ़ #मंजुलभारद्वाज

No comments:

Post a Comment

आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज

  आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज   आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … देशाचे मूळ निवासी … आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी …   आम्ही ज...