भोर
क्षितिज पर उगता सूर्य
पंछियों का चहकना
जीवन पथ पर
अपने कदमों की
पदचाप को सुनते हुए!
-मंजुल भारद्वाज
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आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … देशाचे मूळ निवासी … आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … आम्ही ज...
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