Thursday, November 7, 2019

मैं अति कर देता हूँ! -मंजुल भारद्वाज

मैं अति कर देता हूँ!
-मंजुल भारद्वाज
मैं अति कर देता हूँ
खुद को कर्मठता के
हवाले कर देता हूँ
लोग धूप सेकने के लिए
सूर्य का उपयोग करते हैं
मैं चेतना के सूर्य में
समाधिस्त हूँ
मैं अति कर देता हूँ
लोग रेत की तरह
हवा के साथ उड़ लेते हैं
मैं चट्टान सा खड़ा
तूफानों के सामने हूँ
लोग बहुत समझदार हैं
समयानुसार आकार ले
दुनिया छोड़ जाते हैं
मैं शरीर के बाद
दुनिया में जीना चाहता हूँ
मैं अति करता हूँ
झुकता हूँ मिटता नहीं
विनम्र हूँ पर खुशामद नहीं करता
विनय,विनयशील,शांत
पर धधकता सूर्य हूँ
मैं मात्र शरीर नहीं
एक विचार हूँ
रंग और कर्म से एकाकार
अपनी दृष्टि से सृष्टि रचता
एक कलाकार हूँ !
..
#कलाकार #मंजुलभारद्वाज

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