मिट्टी ने सबको जन्मा
पाला पोषा,बड़ा किया
जीवन दिया
जीवन भर लोगों ने
मिट्टी को ठगा
ज्ञानी लोगों ने
मिट्टी की ठगी को
विकास का नाम दिया
खुद को छलते छलते
जब थक गए
मिट्टी ने पुन:
अपनी गोद में समा लिया !
- मंजुल भारद्वाज
‘डायरी के पन्नो से नाटक के मंच तक’ - मंजुल भारद्वाज डायरी के पन्ने जब हम पलटते हैं फुर्सत के पलों में तो यकायक रोमांचित हो उठते हैं ! खो...
No comments:
Post a Comment