Friday, April 8, 2022

वो -मंजुल भारद्वाज

 वो 

-मंजुल भारद्वाज 

वो   -मंजुल भारद्वाज


जितना सुनता हूँ 

उतना इश्क़ परवान चढ़ता है 

जितना उसके पास जाता हूँ 

दीवानगी बढ़ जाती है 

जितना उसके साथ रहता हूँ 

जुनूनी हो जाता हूँ 

जितना उसके साथ जीता हूँ 

ज़िंदगी को समझ पाता हूँ 

जितना उसके साथ चलता हूँ 

जीवन सार्थक हो जाता है

वो 

मेरे होने का सबब है 

वो 

मेरी अंतरात्मा की आवाज़ है !

#अंतरात्माकीआवाज़ #मंजुलभारद्वाज


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