विज्ञापन का झूठ सच पर चढ़ा है!
-मंजुल भारद्वाज
विज्ञापन के भंवर में हर कोई ऐसा फंसा
बाहर निकलने का रास्ता ढूंढता रह गया
मति ऐसी भ्रमित हुई
साबुन तेल खरीदने की सुध भी गई
हर किसी को गोरा बनाने की क्रीम
इतनी हिट हुई
समाज की कलई खुल गई
काले गोरे का भेद प्रगाढ़ हुआ
मार्केट में हाहाकार हुआ
मुनाफ़े के भंवर में ऐसे फंसे
योग छोड़ बाबा बनिया हो गए
समय को बाज़ार ऐसे लील गया
दाढ़ी मूंछ लगा बचपन छीन गया
हर तरफ़ खरीद ओ फ़रोख्त है
वोट से लेकर सत्ता के तख्त तक
हर रोज़ सांसद और विधायक बिकते हैं
जनता के अरमान सिसकते हैं
संवेदनाओं का व्यापार है
विज्ञापन का झूठ सच पर चढ़ा है
विचार भंवर में फंसा है
किसी तरह की भी तकरीर बेकार है!
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#भंवर #विचार #बाज़ार #मंजुलभारद्वाज
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