जब अँधेरा बगावत कर दे!
-मंजुल भारद्वाज
जागना और जगाना
एकाकी प्रक्रिया है
जलते सूर्य की तरह
पत्ता नहीं कब धूप
असहनीय हो जाए
अँधेरा बगावत कर
कब पूछ बैठे
क्यों जलते हो इतना?
क्यों जागते हो इतना?
तुम होते कौन हो
जगाने वाले?
...
#जागना #अँधेरा #मंजुलभारद्वाज
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