उठ …
पकड़ उस
सूरज को
जो दहकता है
जलता है….
निरंतर
रोशन करता है
पूरी दुनिया को…
उठ …
पकड़ उस
सूरज को
…… मंजुल भारद्वाज
#सूरज #मंजुलभारद्वाज
‘डायरी के पन्नो से नाटक के मंच तक’ - मंजुल भारद्वाज डायरी के पन्ने जब हम पलटते हैं फुर्सत के पलों में तो यकायक रोमांचित हो उठते हैं ! खो...
No comments:
Post a Comment