नया
-मंजुल भारद्वाज
नया ज़मीनी यथार्थ से अंकुरित हो
जड़ता की शिथिलता से उर्जित हो
सपनों,अपेक्षाओं,दुआओं,प्रार्थनाओं की
सहजता से जन्मा क्रांतिकारी आगाज़ हो!
...
#नया #मंजुलभारद्वाज
आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … देशाचे मूळ निवासी … आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … आम्ही ज...
No comments:
Post a Comment