Monday, November 4, 2019

' सभ्य ’ - मंजुल भारद्वाज

' सभ्य ’
- मंजुल भारद्वाज
अपना रंग राजनीति पर चढ़ा दो
अपने गुनाहों का दोष राजनीति पर मढ़ दो
अपना वोट नेताओं को दे दो
अपना पैसा पूंजीपतियों को दे दो
अच्छे ग्राहक का फर्ज़ निभाओ
सुख ही सुख पाओ
नागरिक का फर्ज़
वो क्या होता है ?
सभ्य है हम
राजनीति ख़राब है
लफंडर है,शब्दों की चाल बाज़ी है
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहता हूँ
राजनीति के चक्कर में नहीं पड़ता
राजनीति को गंदा बोल ‘सभ्य’ बन जाता हूँ मैं !
...
#सभ्य, #राजनीति #लोकतंत्र #मंजुलभारद्वाज

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