Tuesday, November 5, 2019

रंग आकार - मंजुल भारद्वाज

रंग आकार
-मंजुल भारद्वाज
मानव देह कुदरत का
अद्भुत आविष्कार है
विविध कोणों से सम्पन्न
विविध आकृतियों को
धारण और प्रेक्षपण में माहिर
मोहक करिश्मा है
स्पंदन,संवेदन,सम्प्रेष्ण
मर्म,द्वन्द्वात्मक कर्म
भाव और विचार का संगम है
रंग विधा को मात्र
मानव देह की दरकार है
मानव देह की उपयुक्त
कथारूप संयोजन कृति
रंग विधा की संजीवनी है
प्रणय,प्रसव,प्रसूति
पूर्वाभ्यास और प्रस्तुति
निपुण,प्रतिबद्ध अभिरुचि
नाट्य आलेख का प्राण है
दर्शक का नयनाभिराम
शब्द का दृश्य में बंधना
लय,ताल,रस की आकृति
अद्भुत नाट्य अनुभूति
कला चेतना का सरोकार है
चैतन्य की लौ में
स्वयं का आकार लेना
चरित्र से जूझते हुए
उन्मुक्त होने वाली मानवी देह
वैश्विक स्तुत्य सत्य है
अपने रंग यानी विचार को
आकार देने वाले ही कलाकार हैं!
...
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