सलाम और सवाल!
-मंजुल भारद्वाज
वो अपने खेतों से निकलकर आए
अपने गाँव से निकलकर आए
अपने रक्तरंजित कदमों के निशां
दिल्ली की छाती पर छोड़ गए
अपनी मुठी बंद कर उद्घोष किया
साड्डा हक़...इथे रख
संघर्ष को सलाम,भूमिपुत्रों को सलाम!
...
पर सत्ता का कुंभकर्ण नहीं जागा
पुष्पक विमान से विदेश यात्रा पर उड़ गया
सवाल यह है संघर्ष करने वालो
इस नरभक्षक को सत्ता पर बिठाया किसने?
आप की संख्या देश में सबसे ज्यादा है
पांच महीने बाद अपने हाथ की ऊँगली से
सही बटन दबाना
जात.पात
हिन्दू या मुसलमान के झांसे में नहीं आना!
...
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