Wednesday, November 6, 2019

यकीन -मंजुल भारद्वाज

यकीन
-मंजुल भारद्वाज
मुझे यकीन है
व्यस्त लम्हें याद दिलाते होंगे
गुजरते हुए कारवां की
हँसते खेलते अपनों के बीच
खिलखिलाते,मुस्कुराते हुए
नज़र मुझे कहीं
ढूँढ़ती तो होंगी
दूर सही
पर मेरी तरंग
पहुँचती तो होगी
अपनों की भीड़ में जीते हुए
किसी एकांत में
यादें महकती तो होंगी
मुझे यकीं है ...
#यकीन #मंजुलभारद्वाज

No comments:

Post a Comment

आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज

  आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज   आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … देशाचे मूळ निवासी … आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी …   आम्ही ज...