Tuesday, November 5, 2019

आओ इस चुनाव में राष्ट्रवाद के बंधक राष्ट्र को मुक्त करायें -मंजुल भारद्वाज

आओ इस चुनाव में राष्ट्रवाद के बंधक राष्ट्र को मुक्त करायें
-मंजुल भारद्वाज

समय समय पर
जब भी कोई आत्महीन व्यक्ति
चुनाव के जरिये
देश की सत्ता पर काबिज़ होता है
तब तब राष्ट्रवाद राष्ट्र को बंधक बनाता है
हर नीतिसम्मत प्रशासनिक
कार्यप्रणाली को ध्वस्त करता है
हर आत्महीन,विध्वंसक प्रवृति को
बढ़ावा देता है,
विचार को कुचलता है
राष्ट्र की सुरक्षा करने वाली सेना के
पराक्रम को चुनावी हथियार बनाता है
अपनी नाकामियों को राष्ट्रवाद के
भावनात्मक आंचल में छुपाता है
जनता भीड़ में बदलती है
भीड़ उन्मादी भेड़ों में तब्दील हो
चुनावी रैली में हुआ हुआ करती है
मीडिया सत्ताधीश के क़दमों में रेंगता है
पर भीतर भीतर हर संवेदनशील
देशवासी खदक रहा है
उद्वेलित है हर विवेकशील व्यक्ति
देशप्रेम से ओतप्रोत नागरिक
अपनी बैचैनी से उबरता है
उत्कंठा के लिए प्रण करता है
प्रतिबद्द होता है
अपने मताधिकार से
राष्ट्रवाद के बंधक राष्ट्र को
मुक्त करवाने के लिए!
...
#चुनाव #राष्ट्रवाद #मंजुलभारद्वाज

No comments:

Post a Comment

आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज

  आम्ही आदिवासी – मंजुल भारद्वाज   आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी … देशाचे मूळ निवासी … आम्ही आदिवासी आदिवासी आदिवासी …   आम्ही ज...