Sunday, November 3, 2019

क्षोभ -मंजुल भारद्वाज

क्षोभ

-मंजुल भारद्वाज


तुम पैदा हुए हो

इसी तरह मरने के लिए

इस हालत के लिए

तुम स्वयं जिम्मेदार हो

सत्ताधीशों ने जब जब तुम्हें हांका

तुम भीड़ बन गए

तुम्हें झुकने के लिए कहा

तुम रेंगने लगे

तुम सिर्फ़ तुम

जवाबदार हो इस व्यवस्था के

तुम ईश्वर में नहीं

उसके दलालों पर विश्वास करते हो

तुम सत्व,आस्था की शक्ति नहीं पहचनाते

आस्था में कट जाते हो

रेल की पटरियों पर

पर आस्था से अपने विवेक को नहीं जगाते

जब तक अपने विवेक को नहीं जगाओगे

इसी तरह मारे जाओगे

अपने सत्व की आवाज़ नहीं सुनोगे

तब तक जयकारा लगाओगे

हर उस पाखंड में

जिसे संस्कृति का त्यौहार कहते हैं

हर उस सीढ़ी पर जिसको मन्दिर कहते है

हर समय मुआवजा बांटा जायेगा

भीड़ और भगदड़ में मारे जाने वालों के लिए

सत्ता यही जाती है

यह अंधविश्वास बना रहे

इस अंधविश्वास को ढ़ोने वाले

यूँहीं भीड़ में कुचले जायेंगें!

...

#क्षोभ #अंधविश्वास #मंजुलभारद्वाज

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