Tuesday, July 23, 2019

हम कौन हैं ! -मंजुल भारद्वाज

हम कौन हैं !
-मंजुल भारद्वाज 
अतीत के सृजन बिन्दुओं को 
एक एक कर जोड़ते हुए 
वर्तमान में घटित होते हुए 
सृजन बिन्दुओं से 
भविष्य को रचते हुए

भूत..वर्तमान..भविष्य 
कल,आज और कल में 
सीधी रेखा खींचते हुए 
पिरोते हुए बिन्दुओं को 
एक धागे में 
भूमध्य रेखा की भांति 
अपने ध्रुवों से बंधे हुए 
हम कौन हैं!
....
#सृजन #अतीत #रेखा #मंजुलभारद्वाज

No comments:

Post a Comment

‘डायरी के पन्नो से नाटक के मंच तक’ - मंजुल भारद्वाज

 ‘डायरी के पन्नो से नाटक के मंच तक’ - मंजुल भारद्वाज डायरी के पन्ने जब हम पलटते हैं  फुर्सत के पलों में  तो यकायक रोमांचित हो उठते हैं !  खो...