Friday, March 6, 2020

मोशा का नरसंहार! -मंजुल भारद्वाज

मोशा का नरसंहार!
-मंजुल भारद्वाज
दिल्ली को मोशा सरकार ने
सता पिपशुता के लिए जलाया
पुलिस की आँख,नाक,कान
मुंह पर कपड़ा ठूस
जज का तबादला कर
अपने गुंडों से
लोक वाले तंत्र का
गला घोट दिया
भीड़तंत्र के जयकारे वाले
अपने पत्तलकारों को
हिन्दू मुस्लिम के नाम
उनके ख़ूनी खेल को
मुनाफ़ाखोरी के लिए छोड़ दिया
बुद्धिजीवी वर्ग समझे
राम और रहीम को ना घसीटे
जनता को ना भरमाए
दिल्ली में इंसानियत का कत्लेआम
हिन्दू मुस्लिम फ़साद नहीं
मोशा का जनता पर हमला है
मोशा ने ऐलान किया है
CAA,NRC,NPR के सत्याग्रह
अहिंसात्मक प्रतिरोध को
वो नरसंहार से निपटा देंगे
इतिहास में दर्ज है
जनता को नरसंहार से निपटाने वाले
विकारी संघ और उसके लोकप्रिय गुर्गे
खुद खाक़ हो गए
हाँ भेड़ों का कटना तय है
जनता बचेगी
संविधान को बचाएगी!

#मोशानरसंहार #जनता #संविधान #मंजुलभारद्वाज

No comments:

Post a Comment

‘डायरी के पन्नो से नाटक के मंच तक’ - मंजुल भारद्वाज

 ‘डायरी के पन्नो से नाटक के मंच तक’ - मंजुल भारद्वाज डायरी के पन्ने जब हम पलटते हैं  फुर्सत के पलों में  तो यकायक रोमांचित हो उठते हैं !  खो...