Thursday, November 7, 2019

सभ्यताओं का
वो विनाश काल होता है
जब दिन रात के पहिये
धूल उड़ाते हुए
हरियाली को पाट देते हैं

सभ्यताओं का
वो विनाश काल होता है
जब आँखों में ईमान का पानी नहीं
इंसानियत को ध्वस्त करता
खून उतर आता है

सभ्यताओं का
वो विनाश काल होता है
जब जनता नीति का आचरण नहीं
सत्ताधीश का आ-चारण करती है!

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